मंकीपॉक्स का क्या है सेक्स कनेक्शन?

आमतौर पर इससे पीड़ित लोगों में बुखार, बदन दर्द, सूजन और शरीर पर मवाद से भरे घाव नजर आते हैं पर दो से चार हफ्ते के भीतर मरीज बिल्कुल ठीक हो जाता है। तो आइए जानते हैं कि इससे डरना कितना जरूरी है। आमतौर पर इससे पीड़ित लोगों में बुखार, बदन दर्द, सूजन और शरीर पर मवाद से भरे घाव नजर आते हैं पर दो से चार हफ्ते के भीतर मरीज बिल्कुल ठीक हो जाता है।

Experts say the virus spreads through close contact, including sexual acts like kissing, touching, oral, and penetrative vaginal or anal sex with a symptomatic partner. ‘Monkeypox can spread by sex, the touch of all sorts hence strict isolation is the key’. She stressed on the use of face masks, hand hygiene, and social distancing.

मंकीपॉक्स संक्रमण किसी को भी हो सकता है। हालांकि, इसका सेक्स कनेक्शन भी सामने आया है। अभी तक दुनिया में इसके जितने केस आए हैं, उनमें से अधिकतर पुरुष हैं और गे हैं, यानी दूसरे पुरुषों के साथ उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए थे। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सुरक्षित सेक्स भी मंकीपॉक्स से बचाव का तरीका हो सकता हैं लोगों को मंकीपॉक्स से जुड़ी जानकारी देते हुए सुरक्षित सेक्स की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मंकीपॉक्स और अनसेफ सेक्स के बीच संबंध सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी ने यूरोप और यूके के छह क्लस्टर के विश्लेषण में पाया है कि यह संक्रमण अधिकतर पुरुषों को हुआ है और चेहरे, पैर या हाथ से अधिक गुदा और अन्य गुप्तांगों पर इसका असर देखा गया है। यूके और न्यूयॉर्क सिटी के डेटा के बाद सेक्सुअल कॉन्टैक्ट को लेकर गाइडलाइंस जारी किए जा रहे हैं। खासतौर पर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा है कि संक्रमण फैलने का एकमात्र रास्ता नहीं है, बल्कि किसी भी तरह से करीबी संपर्क से यह संक्रमण फैल सकता है।

मंकीपॉक्स का  इलाज
यदि मंकीपॉक्स का कोई भी लक्षण हो तो सेक्स और दूसरे किसी व्यक्ति से संपर्क ना बनाएं। यदि किसी में लक्षण दिख रहा तो बिस्तर या टॉवल साझा ना करें। एक मीटर से अधिक की दूरी बनाकर रखें। बीमार और लावारिश पशुओं से दूरी रखें।  आमतौर पर यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन इसमें 2-3 सप्ताह का समय लग सकता है। कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकता है। उन्हें एंटीबायोटिक, पेनकिलर्स समेत अन्य दवाओं के जरिए राहत दी जाती है। मंकीपॉक्स से बचाव के लिए एक नए वैक्सीन को मंजूरी मिली है। इसके अलावा स्मॉलपॉक्स का वैक्सीन भी इसके खिलाफ कुछ प्रभावी दिखा है।

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