राज्यसभा चुनाव: 57 सीटों के लिए चुनावों में चार राज्यों राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कांटे की टक्कर होगी।

राज्यसभा की 57 सीटों के लिए होने वाले चुनावों में चार राज्यों राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कांटे की टक्कर होगी। इन राज्यों में तय सीटों से ज्यादा उम्मीदवार होने से चुनाव होना तय है।

Rajya Sabha Election 2022: राज्यसभा चुनाव को लेकर देशभर में सियासी हलचल काफी तेज है. पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं और नामांकन दाखिल करने का काम भी पूरा हो गया है. राज्यसभा चुनाव 2022 (Rajya Sabha Election 2022) को लेकर कांग्रेस (Congress) ने जब उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला लिया तो पार्टी के भीतर ही मतभेद उभर कर सामने आने लगे. आलाकमान के फैसले से पार्टी के कई नेता नाराज बताए जा रहे हैं. इमरान प्रतापगढ़ी (Imran Pratapgarhi) के नाम का एलान होने के बाद से तो कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है.

राज्यसभा में इस बार कांग्रेस की 8 सीटें खाली हो रही हैं. इनमें बड़े नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, विवेक तन्खा जैसे नाम शामिल हैं. इनमें से कई नेताओं को कांग्रेस ने फिर से राज्यसभा भेजने का फैसला लिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, राजीव शुक्ला, विवेक तन्खा, प्रमोद तिवारी जैसे नेताओं को पार्टी ने राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है. देश के 15 राज्यों में राज्यसभा की 57 सीटों के लिए होने वाले चुनावों में चार राज्यों राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कांटे की टक्कर होगी। इन राज्यों में तय सीटों से ज्यादा उम्मीदवार होने से चुनाव होना तय है। भाजपा ने चारों राज्यों में अपनी संख्या से तय जीत वाली सीटों के अलावा एक-एक अन्य उम्मीदवार उतार कर और समर्थन देकर विपक्षी खेमे खासकर कांग्रेस के लिए दिक्कतें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बाजी जीतने के लिए सेंधमारी की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।

हरियाणा में दो सीटों पर तीन उम्मीदवार
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट पर चुनाव होने हैं और तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। जीत के लिए 31 विधायकों की जरूरत है। भाजपा के पास अपने 41 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार 31 वोट हासिल कर आराम से जीत सकते हैं। कांग्रेस के पास भी 31 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार अजय माकन भी पूरे वोट मिलने पर जीत जाएंगे। मगर, एक भी वोट खिसकने पर भाजपा व जजपा समर्थित उम्मीदवार निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा के साथ मामला फंस जाएगा।

राजस्थान में  कांग्रेस मुश्किल में 
राजस्थान में भाजपा ने निर्दलीय सुभाष चंद्रा को समर्थन देकर कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार के लिए संकट बढ़ा दिया है। राज्य में जीत के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए। ऐसे में भाजपा के पास अपने एक उम्मीदवार को 41 वोट देने के बाद 30 वोट अतिरिक्त रहते हैं, जो निर्दलीय सुभाष चंद्रा को जाएंगे। ऐसे में चंद्रा अगर 11 वोट हासिल कर लेते हैं तो कांग्रेस का तीसरा उम्मीदवार हार जाएगा।

कर्नाटक में जेडीएस का संकट बढ़ा
कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-एक ज्यादा उम्मीदवार उतारा है। ऐसे में जेडीएस के एकमात्र उम्मीदवार की संभावनाएं घट गई हैं।

महाराष्ट्र में शिवसेना की दिक्कतें बढ़ीं
महाराष्ट्र में भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतार कर महाविकास अघाड़ी में शिवसेना की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। छह सीटों के चुनाव में हर सीट के लिए 42 वोट की जरूरत है।

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