राजस्थान में नौकरी और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर फिर भड़का आरक्षण आंदोलन: नेशनल हाईवे- 21 दो दिन से जाम, भरतपुर में इंटरनेट बंद

राजस्थान के भरतपुर जिले में नौकरी और उच्च शिक्षा में 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को सैनी, कुशवाहा शाक्य, मौर्य, माली समाज की पांच जातियों के सैकड़ों लोगों ने जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अरोदा गांव में सोमवार को चक्का जाम किया।

आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में एक बार फिर आंदोलन भड़का। सैनी, कुशवाहा, शाक्य, मौर्य और माली समाज के लोग 12 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर समाज के लोग भरतपुर में नेशनल हाईवे-21 (आगरा-जयपुर) को जाम कर दिया। दो दिन से समाज के सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लेकर हाईवे पर बैठे हुए हैं।

समाज के नेताओं का कहना है कि वर्तमान में इन लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया गया है और इस श्रेणी में अन्य जातियों के होने के कारण उनके समाज को फायदा नहीं मिल रहा है। संघर्ष समिति के महासचिव बदन सिंह ने कहा, ‘‘हमारी आरक्षण की मांग को पूरा किया जाये और एक अलग से कोटा हमें दिया जाये। यदि आवश्यकता पड़ी तो हम भरतपुर-धौलपुर रेल मार्ग को भी बंद करेंगे।” उन्होंने कहा, ‘‘सरकार की ओर से एक मंत्री हमारे पास आएं और आश्वस्त करें कि हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा तभी हम धरना समाप्त करेंगे।”

इस मामले पर भरतपुर के जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा, ‘‘हम आंदोलनकारियों से बातचीत कर रहे हैं लेकिन वो (आंदोलनकारी) चाहते हैं कि उनकी बातचीत किसी सरकार के प्रतिनिधि (मंत्री) से होनी चाहिए। आरक्षण को लेकर उनकी मांग से सरकार को अवगत करा दिया गया है।” उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला प्रशासन ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है और मोबाइल इंटरनेट सेवा मंगलवार तक के लिये निलंबित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।

भरतपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने को लेकर आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था का उल्लंघन नहीं होने दिया जायेगा। सूत्रों ने बताया कि विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और भरतपुर संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा को आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने नहीं किया कोई विचार 
कुशवाहा ने कहा, आरक्षण की मांग को इसको लेकर हम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिल चुके हैं। उन्होंने हमारी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया। मजबूरी में हमें समाज के लोगों ने चक्का जाम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से अब कोई बात करने नहीं आया है।

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