GYANAM FESTIVAL – ज्ञानम महोत्सव का हुआ आगाज, धर्म और अध्यातम में राष्ट्र आधारित है राम शब्द में रा का अर्थ राष्ट्र और म का अर्थ मंगल: करपात्री जी महाराज रामानुजाचार्य

ज्ञानम महोत्सव का हुआ आगाज , धर्म मई हुए छोटी काशी

कई किलोमीटर दूर से मटके को सिर पर धोह पर लाने वाली महिला का दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा: गजेन्द्र सिंह शेखावत

विश्व भर में हिंदुत्व का दबदबा कायम हो चुका है साध्वी प्रज्ञा भारती

जयपुर में ज्ञानम फाउंडेशन द्वारा आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ उद्घाटन सत्र में “धर्म और अध्यात्म भारतवर्ष के मूल प्राण “विषय पर चर्चा हुई ,चर्चा में करपात्री महाराज रामनुजाचार्य साध्वी प्रज्ञा भारती के ने संबोधित किया, करपात्री महाराज ने कहा कि भारत में जातिगत भावना का त्याग ही धर्म है, राम जन्मभूमि में हजारों कार सेवकों का बलिदान हो जाना धर्म है, भगवान राम की परिभाषा धर्म और अध्यातम में राष्ट्र आधारित है राम शब्द में रा का अर्थ राष्ट्र और म का अर्थ मंगल है अर्थात राष्ट्र की मंगल कामना करने वाला ही धर्म और अध्यात्म का प्लान करने वाला है हर देशवासी में राम होना चाहिए

साध्वी प्रज्ञा ने चर्चा में कहा कि भारत के हिंदू के रग-रग में हिंदुत्व समाया हुआ है, आज हिंदू धर्म की वैश्विक चर्चा होने लगी है और हिंदू धर्म विशेष रुप से महान होने चला है और कई ऐसे देश हैं जो इस जन्म से असुरक्षित महसूस करने लगे हैं

जल जीवन मिशन के तहत “हर घर नल,नल में जल का लाभ देश के साढ़े सात करोड़ लोगो को मिला: गजेन्द्र सिंह शेखावत

“जल जीवन मिशन व राजस्थान में पुराणिक जल प्रबंधन” विषय पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत ऋषि मनीषियों ने हजारो साल पहले मान लिया था की जल ही जीवन का आधार है युगों युगों से उन्होंने हमे पानी को महत्व बताया, पुराणों उपनिषद में जल के साथ कैसा व्यवहार किया जाए का इसका पूरा उल्लेख है, प्रकृति के सभी घटकों में जल महत्पूर्ण है, हम इसके मालिक नहीं है, केवल उपभोग कर्ता और रक्षक है जल हमे को धर्म से भी जोड़ता है, कावड़िया कावड़ में पवित्र जल भरकर यात्रा करता है, नदियों को पूजा जाता है , अतः जल धार्मिक आस्था का भी आधार है जल सनातन धर्म में देव तुल्य है, धर्म ने ही सिखाया की प्रकृति के घटक के प्रति हमा रा कर्तव्य है, लेकिन जल को जगदीश मानने वाले देश में जल के स्त्रोत सीमित है, यह गंभीर चुनौती है, हमारी नदिया में जल स्तर कम होना बड़ी चुनौती है, हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था , बढ़ती जनसंख्या के कारण जल की आवशकता बढ़ेगी, सरकार प्रयास कर रही है मोदी सरकार देश में जल प्रबंधन के लिए समग्र प्लानिंग कर रही है , समाज को रोल मॉडलस और हम सभी का सामूहिक दायित्व है जल संरक्षण करना , क्योंकि 40 सालों में जल संकट बढ़ा , प्रकृति के घटकों को हमे आने वाली पीढ़ी को सौंपना है हमारा दायित्व है की हम आने वाली पीढ़ी सुधार करके सौपे , ना की दोहन और दूषित करके सौंपे , इन्ही बातो को हम समाज के प्रभावी और प्रबुद्धजनों के माध्यम से जागरूक कर सकते है, यह आज समय को आवशकता,

साथ ही गजेंद्र सिंह शेखावात ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में सरकार के साथ आम जन को साथ मिलकर काम करना होगा , 2024 तक हर घर जल में प्रधान मंत्री मोदी का सपना है ,कई किलोमीटर दूर से मटके को सिर पर धोह पर लाने वाली महिला का दर्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समझा, मोदी जी ने संकल्प ने किया और देश के जाने माने जल विशेषज्ञो, तकनीकी समझ वाले लोगो को मदद से वृहद्ध स्तर पर जल जीवन मिशन जेसी बड़ी योजना धरातल पर उतारी, देश के लगभग साढ़े सात करोड़ लोगो को लाभ मिला, इस मिशन से देश की माताओं बहनों का समय ऊर्जा की बचत हुई है और वो बचा हुआ समय ये महिलाएं राष्ट्र की उन्नति में खर्च करेगी

ज्ञानम कार्यक्रम के आयोजक दीपक गोस्वामी ने बताया कि जयपुर की टोंक रोड स्थित बेला कासा होटल में 17 दिसंबर व 18 दिसंबर को 2 दिवस तक चलने वाले इस आयोजन में देश के जाने-माने 50 से अधिक हस्तियां अपने विचार इस पर चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से साझा करेंगे

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