Holy Basil (तुलसी) – औषधीय गुणों का खजाना तुलसी

Holy Basil (तुलसी) – औषधीय गुणों का खजाना तुलसी

Health Update

Tulsi: Sacred Plant of the Gods
Tulsi has powerful anti-inflammatory, antioxidant, stimulating and stress-relieving properties which makes it the ideal choice of  natural healing hearb.

आयुर्वेद में भी तुलसी को एक औषधीय गुणों से भरपूर पौधा माना गया है। तुलसी का उपयोग बहुत पहले से आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता रहा है। ये कई बीमारियों को सही करने में सक्षम है। इसलिए आयुर्वेद में तुलसी को विशेष महत्व दिया जाता है। पहले के समय में किसी के बीमार पड़ने पर दादी-नानी के नुस्खों में भी तुलसी का उपयोग होता था। तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो बदलते मौसम में होने वाली परेशानियों से भी बचाते हैं। तुलसी का वानस्पतिक नाम Ocimum sanctum Linn. (ओसीमम् सेंक्टम्) और कुल का नाम Lamiaceae (लैमिएसी) है।

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है…

खांसी अथवा गला बैठने पर तुलसी की जड़ सुपारी की तरह चूसी जाती है।
2- श्वांस रोगों में तुलसी के पत्ते काले नमक के साथ सुपारी की तरह मुंह में रखने से आराम मिलता है।
3- तुलसी की हरी पत्तियों को आग पर सेंक कर नमक के साथ खाने से खांसी तथा गला बैठना ठीक हो जाता है।
4- तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी जाती है।
5- तुलसी के कोमल पत्तों को चबाने से खांसी और नजले से राहत मिलती है।
6- खांसी-जुकाम में – तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत लाभ पहुंचता है।
7- 10-12 तुलसी के पत्ते तथा 8-10 काली मिर्च के चाय बनाकर पीने से खांसी जुकाम, बुखार ठीक होता है।
8- फेफड़ों में खरखराहट की आवाज़ आने व खांसी होने पर तुलसी की सूखी पत्तियां 4 ग्राम मिश्री के साथ देते हैं।
9- काली तुलसी का स्वरस लगभग डेढ़ चम्मच काली मिर्च के साथ देने से खाँसी का वेग एकदम शान्त होता है।
10- 10 ग्राम तुलसी के रस को 5 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा एवं श्वांस रोगों को ठीक किया जा सकता है।

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दिमाग के लिए फायदेमंद हैं तुलसी की पत्तियां ( Tulsi Leaves Benefits for Brain)

दिमाग के लिए भी तुलसी के फायदे लाजवाब तरीके से काम करते हैं। इसके रोजाना सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है और याददाश्त तेज होती है। इसके लिए रोजाना तुलसी की 4-5 पत्तियों को पानी के साथ निगलकर खाएं।

रतौंधी में लाभकारी है तुलसी का रस (Benefits of Tulsi Plant in Night Blindness)

कई लोगों को रात के समय ठीक से दिखाई नहीं पड़ता है, इस समस्या को रतौंधी कहा जाता है। अगर आप रतौंधी से पीड़ित हैं तो तुलसी की पत्तियां (Basil leaves in hindi) आपके लिए काफी फायदेमंद है। इसके लिए दो से तीन बूँद तुलसी-पत्र-स्वरस को दिन में 2-3 बार आंखों में डालें।

साइनसाइटिस या पीनसरोग में लाभदायक (Tulsi Benefits for Sinusitis in Hindi)

अगर आप साइनसाइटिस के मरीज हैं तो तुलसी की पत्तियां या मंजरी को मसलकर सूघें। इन पत्तियों को मसलकर सूंघने से साइनसाइटिस रोग से जल्दी आराम मिलता है।

दांत दर्द से आराम (Tulsi Benefits for Toothache)

तुलसी की पत्तियां दांत दर्द से आराम दिलाने में भी कारगर हैं। दांत दर्द से आराम पाने के लिए काली मिर्च और तुलसी के पत्तों की गोली बनाकर दांत के नीचे रखने से दांत के दर्द से आराम मिलता है।

पथरी दूर करने में फायदेमंद है तुलसी (Tulsi Benefits for Stone Problem)

पथरी की समस्या होने पर भी तुलसी का सेवन करना फायदेमंद रहता है। इसके लिए तुलसी की 1-2 ग्राम पत्तियों को पीसकर शहद के साथ खाएं। यह पथरी को बाहर निकालने में मददगार होती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार  (Tulsi helps to Improve Immunity Power)

तुलसी (Tulsi plant) के नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। 20 ग्राम तुलसी बीज चूर्ण (Tulsi seeds Powder) में 40 ग्राम मिश्री मिलाकर पीस कर रख लें।  सर्दियों में इस मिश्रण की 1 ग्राम मात्रा का कुछ दिन सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है,

साँसों की दुर्गंध दूर करे तुलसी का उपयोग (Tulsi Beneficial in Bad Breath)

साँसों की दुर्गन्ध ज्यादातर पाचन शक्ति कमजोर हो जाने के कारण होती है | तुलसी अपने दीपन और पाचन गुण के कारण साँसों की दुर्गन्ध को दूर करने में सहायक होती है |

चोट लगने पर इसका इस्तेमाल है फायदेमंद

यदि कहीं चोट लग जाती है तो तुलसी के पत्ते को फिटकरी के साथ मिलाकर लगाने से घाव तुरंत ठीक हो जाता है. तुलसी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व घाव को पकने नहीं देता है. इसके पत्ते को तेल में मिलाकर लगाने से जलन भी कम होती है.

दस्त की समस्या से मिलता है छुटकारा

यदि आप दस्त की समस्या से बहुत परेशान हैं तो तुलसी के पत्तों का सेवन लाभकारी होता है. इसके पत्ते को जीरे के साथ मिलाकर पीस लिया जाता है और उसे दिन में 3 से 4 बार चाटना होता है. ऐसा करने से दस्त रुक जाती है.

यौन रोगों के इलाज में
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.

अनियमित पीरियड्स की समस्या में
अक्सर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का भी नियमित किया जा सकता है.

कैंसर का खतरा होता है कम 

कई रिसर्चों में बताया गया है कि तुलसी का बीज कैंसर के इलाज में कारगर होता है. हालांकि, इस बारे में अभी तक पुष्ट‍ि नहीं हुई है.

सांस की दुर्गंध को करता है दूर

तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल करने से सांस की दुर्गंध को दूर करने में काफी हद तक फायदेमंद होते हैं. नेचुरल होने के कारण इसका कोई  साइडइफेक्ट भी नहीं होता है. यदि आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें. इससे दुर्गंध चली जाती है.

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