गजब हाल : बैंक की तिजोरियों ने ही उगले नकली नोट, जयपुर से दौसा तक मचा हड़कंप, केस दर्ज

राजस्थान


हाइलाइट्स:

  • आरबीआई प्रबंधक ने कराया मुकदमा दर्ज
  • दौसा की एसबीआई और बीओबी तिजोरियां में मिले जाली नोट
  • बड़े साजिश की शक, पुलिस नेटवर्क पता लगाने में जुटी

रेखा शर्मा, दौसा।
बाजार में जाली नोट के चलन और उन पर पुलिस की कार्रवाई की खबर तो आपने सुनी होगी। लेकिन बैंक की तिजोरी में ही यदि जाली नोट मिले ,तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जाली नोट के गोरखधंधा किस हद तक फल फूल रहा है। दरअसल दौसा शहर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा की तिजोरियों में रखे नोटों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जयपुर में भिजवाया गया था, लेकिन जब इन नोटों की जांच की गई तो इनमें कुछ जाली नोट भी मिले। नवंबर 2019 से सितंबर 2020 के बीच यह नोट बैंक की तिजोरियो में आए हैं। तिजोरियों में मिले नोटों में से बैंक ऑफ बड़ौदा दौसा की तिजोरी में 100 मूल्य के 9 नोट व एसबीआई में 100 मूल्य के 12 नोट मिले है।

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जयपुर में हुआ मामला दर्ज
जाली नोट मिलने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जयपुर के प्रबंधक जगदीश चंद्र पारीक ने जयपुर के गांधी नगर थाने में रिपोर्ट पेश की। यहां से रिपोर्ट को दौसा भेजा गया है। फिलहाल पूरा मामला कोतवाली थाने में धारा 489 A के तहत दर्ज हो चुका है । पुलिस जाली नोट के गोरखधंधे में लिप्त लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस इस मामले का हर ऐंगल से पता लगाने में जुट गई है। वहीं पुलिस को इस मामले में बड़े रैकेट के होने का भी शक है।

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बैंक कर्मियों पर भी गहराया शक
इधर बैंकों की तिजोरियों में जाली नोट मिलने के बाद बैंक प्रबंधन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि जो बैंक कर्मचारी हाथ में नोट को लेकर यह पहचान लेते हैं कि यह नकली है या असली, उन बैंक कर्मचारियों के हाथों से नकली नोट कैसे निकले। साथ ही बैंक की तिजोरियों तक कैसे पहुंचे। नकली नोट के इस मामले में बैंक कर्मचारियों की लापरवाही है या मिलीभगत, यह तो अभी जांच के बाद ही पता चल सकेगा। कोतवाली एसएचओ महावीर प्रसाद ने बताया कि नकली नोट के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों ही बैंक प्रबन्धन से सम्पूर्ण रिकार्ड मांगा गया है। पूरे मामले की तहकीकात की जा रही है।

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